बिहार के गया के रहने वाले शाहिद रजा खान के मां-बाप ने गरीबी के चलते उन्हें प्राइवेट स्कूल से निकलवाकर मदरसे में दाखिल कर दिया था। यूपीएससी के रिजल्ट में उन्होंने 751वीं रैंक लाकर दिखा दिया कि मदरसे से पढ़े बच्चे भी बहुत कुछ कर सकते हैं। मदरसे से पास होने वाले बच्चों को आमतौर पर सामान्य स्कूल-कॉलेज से पढ़े बच्चों से प्रतियोगिता के मामले में कम ही आंका जाता है।from Navbharat Times http://bit.ly/2H43Y7x
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