सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसले में कहा है कि गुजारे के लिए भरण पोषण भत्ता तय करते समय अदालतें यह देखें कि मुआवजा न्यायोचित हो। यह इतना ज्यादा न हो कि पति गरीबी में आ जाए और विवाह की विफलता उस पर एक सजा की...from Live Hindustan Rss feed https://ift.tt/3lbcN17
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